दुष्कर्म पर रिपोर्ट

रेप के आरोपियों पर समय से कार्यवाही न होने पर देश में नहीं बदले हालात, निर्भया से लेकर प्रियंका तक, एक ही सवाल: आखिर कब तक?


 


प्रियंका रेड्डी, आज ये नाम हर किसी


की जुबान पर है लकिन लोग यही दुआ कर रहे है की जिस वजह से प्रियंका का नाम सबको पता चला वो फिर किसी लड़की के साथ न हो। जानवरो की डॉक्टर प्रियंका को इंसान के रूप में जी रहे भेड़ियो ने अपनी हवस का शिकार बना लिया। पहले उसके साथ गैंगरेप किया और फिर उसके शरीर को जला दिया।


 


इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर है और लोग जल्द से जल्द आरोपियों की सजा की मांग कर रहे है। आपको दिल्ली का निर्भया रेप केस तो याद ही होगा जब चलती बस में लड़की के साथ वो सब किया गया जिसे बयान करते हुए किसी की भी रूह कांप जाएगी। उस वक़्त भी लोगो को बहुत आक्रोश था और 2014 लोकसभा चुनाव में यह कांग्रेस की हार की एक बड़ी वजह थी। अब इस घटना को 7 साल बीत चुके है लेकिन हालात कहाँ है ये हम सब देख रहे है।


 


निर्भया के बाद आज प्रियंका है और कल कोई और होगा। न जाने कितनी प्रियंका है जिनकी मीडिया में खबर तक नहीं आती और कितनी निर्भया है जिनकी खबर जनता में वो आक्रोश पैदा नहीं कर पाती। उत्तर प्रदेश के एक ज़िले संभल में एक नाबालिग लड़की के साथ उसके पडोसी ने रेप किया और उसके बाद उसे ज़िंदा ही जला दिया। लड़की कई दिन अस्पताल में अपनी ज़िन्दगी की जंग लड़ती रही और आज उसने अपना दम तोड़ दिया। ये वो कहानी है जो ज़्यादा लोगो को नहीं मालूम है क्यूंकि मीडिया में वो मसाला नहीं बन पायी। न जाने ऐसी कितनी कहानियां है जो हमे कभी पता नहीं चलेगी।


 


बात अगर उत्तर प्रदेश की करे तो सरकार के तमाम दावों और बयानबाज़ी के बावजूद उत्तर प्रदेश महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित प्रदेश है भारत में। 2017 के NCRB के आंकड़ों के मुताबिक देश में महिलाओं के खिलाफ 3.59 लाख केस रजिस्टर हुए थे जिसमे से उत्तर प्रदेश 56,000 केस एक साथ टॉप पर था। उसके बाद के अकड़े अभी बाकी है और न जाने कितने ऐसे केस है जो रजिस्टर ही नहीं होते।


 


महिलाओं की सुरक्षा के तमाम दावे करने वाली हमारी सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह फेल हो गयी है। हर दिन हम इतने बलात्कार के बारे में सुनते है की अब ये आम सी बात हो गई है। हालात यहाँ तक पहुंच गए है की जब तक किसी से निर्भया या प्रियंका जैसी हैवानियत नहीं होती तब तक रेप देश में गुस्सा तक नहीं जगा पता।